तेरे अहसासों में खोये हम कुछ इस तरह थे
कि ये भी ना जाना कि पास तू नही
धडकनों में बस तेरे साँस कि धुन है
हर एक धुन का साज बस तू ही
आइने में , पानी कि लहरों में , बदलो में
बस तेरी एक तस्वीर नज़र आती है
तेरे हाथो कि लकीरों में अक्सर
मुझे अपनी तकदीर नजर आती है
Friday, January 30, 2009
Tuesday, January 27, 2009
बस तू ही.....
छुप के बादलों की परछाई में
छलकती नदी की गहराई में ॥
रूकती चलती हवाओ में
धीरे से आती सुबहो में॥
बस एक सूरत नजर आई
बस तेरी मूरत नजर आई
चाँद की मध्यम चाँदनी में
तारो की टिमटिम रोशनी में
सुबह की शीतल किरन में
बूंदों की एक छ्न छ्न में
बस तेरा ही तेरा है साया
बस तू ही तू नजर आया
शोर में तन्हाई में ...
सोच की गहराई में
दिल हर एक अहसासों में
उठती गिरती सब सासों में
बस एक पैगाम नज़र आया
बस तेरा नाम नज़र आया
छलकती नदी की गहराई में ॥
रूकती चलती हवाओ में
धीरे से आती सुबहो में॥
बस एक सूरत नजर आई
बस तेरी मूरत नजर आई
चाँद की मध्यम चाँदनी में
तारो की टिमटिम रोशनी में
सुबह की शीतल किरन में
बूंदों की एक छ्न छ्न में
बस तेरा ही तेरा है साया
बस तू ही तू नजर आया
शोर में तन्हाई में ...
सोच की गहराई में
दिल हर एक अहसासों में
उठती गिरती सब सासों में
बस एक पैगाम नज़र आया
बस तेरा नाम नज़र आया
Monday, January 19, 2009
जीत लो मंजिल
एक पंख दे दो इन सपनो को
इन्हे आसमा में उड़ जाने दो
दो हौसले अपने इरादों को
उन्हें हर उँचइयो में चढ़ जाने दो
जो कुछ पाया है तुमने
ना समझो की बस वही है तुम्हारे लिए
चुन लो मंजिल नई हर बार
चुनौतिया नई हो हर बार तुम्हारे लिए
हर बार जीत लो अपनी मंजिल को
हर बाद ढूंड लो नही राहे
हर बार इरादे इतने पक्के हो
मिल जाए तुम्हे जो तू चाहे
इन्हे आसमा में उड़ जाने दो
दो हौसले अपने इरादों को
उन्हें हर उँचइयो में चढ़ जाने दो
जो कुछ पाया है तुमने
ना समझो की बस वही है तुम्हारे लिए
चुन लो मंजिल नई हर बार
चुनौतिया नई हो हर बार तुम्हारे लिए
हर बार जीत लो अपनी मंजिल को
हर बाद ढूंड लो नही राहे
हर बार इरादे इतने पक्के हो
मिल जाए तुम्हे जो तू चाहे
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