वक़्त यु ही लम्हों में गुजरता सा गया
पल के साथ ये पल भी बदलता सा गया
यु ही बीत गए जाने कैसे सारे लम्हे
जिंदगी रुक गई, वक़्त बढता सा गया
काश शब्द दिल में कई बार आता है
काश ये कर लेते या वो कर लेते
दिल में कसक भी कई बार उठती है
काश न कहते अगर उस पल में जी लेते
यु ही गुजर जाने देते है हम वक़्त को
फिर सिर्फ हाथ में अफ़सोस होता है
वक़्त में न लौट पाने की कसक होती है
दिल कुछ न बदल पाने पर रोता है
आज जो पल हाथ में है उसे जी लो पूरा
कि कल उस पल को खोने का गम न हो
ख़ुशी पा लो जिंदगी से इसी पल में
कि दिल में कुछ न करने कि कसक न हो
पल के साथ ये पल भी बदलता सा गया
यु ही बीत गए जाने कैसे सारे लम्हे
जिंदगी रुक गई, वक़्त बढता सा गया
काश शब्द दिल में कई बार आता है
काश ये कर लेते या वो कर लेते
दिल में कसक भी कई बार उठती है
काश न कहते अगर उस पल में जी लेते
यु ही गुजर जाने देते है हम वक़्त को
फिर सिर्फ हाथ में अफ़सोस होता है
वक़्त में न लौट पाने की कसक होती है
दिल कुछ न बदल पाने पर रोता है
आज जो पल हाथ में है उसे जी लो पूरा
कि कल उस पल को खोने का गम न हो
ख़ुशी पा लो जिंदगी से इसी पल में
कि दिल में कुछ न करने कि कसक न हो