पास ना होकर भी यहाँ भी हो
जिंदगी ने साथ थोड़ा था लिखा
तुम्हारा अस्तित्व जिंदगी से कभी न मिटा
तुम हर दिन बातों में आ भी जाते हो
कभी हँसी कभी आंसू दे जाते हो
हर रात कोई कहानी बन जाते हो
शायद तुम भी वो बातें सुन मुस्कुराते हो
कभी रातें कभी सुबह भी हो
पास ना होकर भी यहां भी हो