Thursday, October 25, 2018

तन्हाइयां

तन्हाइयां ही शायद किस्मत है मेरी
हमेशा साथ कहा कोई रह पाता है
सबकी अपनी एक दुनिया है
उसमे सबको जगह कहाँ दे पाता है
किसी आंसू भी , रोधी सी आवाज
सबको महसूस नही हो पाती है
दिल जुड़े होंना शायद एक भरम है
धड़कन की रफ़्तार कोई कहाँ समझ पाता है

Monday, October 15, 2018

यू मुझे छोड़ कर ...

किसी को मुस्कुराहट की वजह यू न बना
कि दूर होकर हम मुस्कुराना छोड़ दे
किसी के साये में यू न जी जिंदगी
कि बिना उसके हम जीना ही छोड़ दे

अगर उन्हें न फिकर है कि क्या हाल मेरा
फिर उनके हाल की क्यों खबर पूछते हर जगह
वो अगर अपनी दुनिया मे गर खोये से है
फिर हमने क्यों बना ली है उन्हें जीने की वजह

हम भी क्यों उनके जैसे ना हो पाते है
क्यों अपनी दुनिया मे ना खो पाते है
वो एक पल भी चाहे ना हमे याद करे
हम उनकी यादो के एक पल न भूल पाते है

उनको वो सब मिला जो सब भी चाहा था
मुझे मिला या नही उन्होंने फिकर ना किया
यूँ चल पडे छोड़ कर हमें बीच राह में वो
हमारे होने ना होने का जिक्र भी ना किया