किसी को मुस्कुराहट की वजह यू न बना
कि दूर होकर हम मुस्कुराना छोड़ दे
किसी के साये में यू न जी जिंदगी
कि बिना उसके हम जीना ही छोड़ दे
अगर उन्हें न फिकर है कि क्या हाल मेरा
फिर उनके हाल की क्यों खबर पूछते हर जगह
वो अगर अपनी दुनिया मे गर खोये से है
फिर हमने क्यों बना ली है उन्हें जीने की वजह
हम भी क्यों उनके जैसे ना हो पाते है
क्यों अपनी दुनिया मे ना खो पाते है
वो एक पल भी चाहे ना हमे याद करे
हम उनकी यादो के एक पल न भूल पाते है
उनको वो सब मिला जो सब भी चाहा था
मुझे मिला या नही उन्होंने फिकर ना किया
यूँ चल पडे छोड़ कर हमें बीच राह में वो
हमारे होने ना होने का जिक्र भी ना किया
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