Tuesday, February 11, 2025

मैं कुछ ना सुन पाई

 तुमने जाना चाहा, 

मैं रोक भी नहीं पाई,

तुमने कुछ बताया नहीं, 

या मैं कुछ सुन न पाई।


कुछ अधूरा सा लगता है,

तुम्हारे जाने के बाद,

अकेली सी क्यों लग रही,

नही चाहिए जमाने का साथ।


मेरी सारी बाते समझ कर,

हर दर्द पल मे मिटा देते हो,

आँसू भी ना आ पाते है,

तुम पल में हँसा देते हो।


हर ओर तुम्हें ढूँढती हूँ,

हर लम्हे में है तन्हाई,

तुमने कुछ बताया नहीं,

या मैं कुछ ना सुन पाई।



Sunday, February 20, 2022

यहाँ भी हो...

तुम मुस्कुराओ खुश रहो जहाँ भी हो
पास ना होकर भी यहाँ भी हो

जिंदगी ने साथ थोड़ा था लिखा
तुम्हारा अस्तित्व जिंदगी से कभी न मिटा

तुम हर दिन बातों में आ भी जाते हो
कभी हँसी कभी आंसू दे जाते हो

हर रात कोई कहानी बन जाते हो
शायद तुम भी वो बातें सुन मुस्कुराते हो

कभी रातें कभी सुबह भी हो
पास ना होकर भी यहां भी हो

Thursday, July 1, 2021

अकेला पाती हूँ

जिंदगी की राहों में कई बार गुजर जाती हूँ
जाने क्यों हर बार खुद को अकेला पाती हूँ
जिंदगी हर मोड़ पर एक तूफान देती रही
कभी कभी मुश्किलो से लड़ के थक जाती हूं

मेरी अंदर की शक्ति को कोई तोड़ देता है
हर साथी हमे कही न कही छोड़ देता है
किसी को जीवन साथी कहाँ कह पाती हूँ
जाने क्यों हर बार खुद को अकेला पाती हूँ

कुछ बातों में एक से थे कुछ में अलग भी थे 
कभी हम सही थे तो कभी अलग भी थे 
कुछ समझा था , कुछ समझ नही पाती हूँ
जाने क्यों हर मोड़ पर खुद को अकेला पाती हूँ


Saturday, May 8, 2021

तुम्हारा साथ

कुछ जिंदगी ने उदासी दी है
कुछ लोगो ने कमी ना की
मेरी आँखों के आँसू न दिखे 
उनकी आंखों में नमी ना थी

वो अब भी दुनियादारी ले कर बैठे है
मेरी दुनिया ही अधूरी हो गयी
मेरी जिंदगी को मझदार में छोड़
उनकी जिंदगी कैसे पूरी हो गयी

अब भी अहसास है हर कोने में
शायद शाम ढले लौट आओ गे
फिर छेड़ कर चुपके से
फिर जोर से मुस्कुराओ गे

हर बार तुम साथ हो ये सोच
मैं आगे तो बढ़ना चाहती हूँ
तुम्हारे हाथों का अहसास ले कर
जो तुमने चाहा करना चाहती हु 

Friday, April 30, 2021

जिंदगी का सच

जिंदगी भी कितनी अजीब होती है। हम हर दिन आने वाले दिन की प्लानिंग करते हैं कि एक नई कार ली है इसको सात साल में चुका देंगे। या फिर ये वाला सूट इसकी शादी में पहनेगे। पर हमें ही नही पता होता अगला दिन क्या ले कर आने वाला है। हम वो समय देख भी पाए गए कि नही। बस भविष्य हमे अपने सपने दिखता है बिना सच बताये
अभी तो बहुत वक़्त है ये सोच कर कई काम कल पर डाल देते हैं बिना ये जाने हमारे पास कोई कल है कि नही
जिंदगी आज में है थोड़ी कल की तैयारी भी चाहिए पर कल होगा कि नही या हमारे जाने के बाद जो मुझ पर निर्भर है ये सोचना भी जरूरी है क्योंकि शायद जब मुसीबत आये तो कुछ सोचने का वक़्त भी ना मिले।

Tuesday, March 9, 2021

कागज़ की कश्ती

चल पड़ी थी मैं तो आज मदमस्त मस्ती में
चली करने सागर पार कागज की कश्ती में
शीतल सी हवा fc जैसे कुछ कहती गयी
हवा की दिशा में मेरी कश्ती बहती गयी
लहरे ले कर मुझे अपने साथ बढ़ाती रही
मै भी अपनी सफलता पर इठलाती रही
फिर अचानक लहरो ने बदल दी दिशा
दूसरी ओर बहने लगी फिर वो हवा
फिर उन्ही लहरो ने आगे जाने न दिया
जहाँ से किया था शुरू वहाँ छोड़ दिया 
वो कश्ती सागर में कही खो गयी
मैं साहिल पर फिर से तन्हा हो गयी
ये समझा अगर सागर में उतर जाना होगा
पहले कश्ती को मजबूती से बनाना होगा
फिर चल पड़ी अपनी कश्ती बनाने के लिए
फिर से सागर से दूर निकल जाने के लिए

तुम्हारा साथ

जीवन पथ पर मैं अकेले  चली थी
किसी खूबसूरत मोड़ पर तुम मिले
हाथ ले कर हाथो में अपने 
साथ हम जीवन पथ पर बढ़ चले

माता पिता पूजनीय थे अपने
परंतु वो भी इस पथ पर छोड़ गए
बच्चे हर्दय का अभिन्न अंग थे
वो भी अपने साथी संग रास्ते मोड़ गए

हर दुख ने , हर सुख में, हर दशा ने
तुम साथ थे साथ ही रहे सदा
एक छोटी सी कहानी सा लगता है
इस जीवन का हर पल अपना 

इसमे खुशी भी है तो गम भी है
इसमे प्यार भी है तकरार भी है
इसमे सालो का साथ भी है
इनमे कुछ पलों का इंतज़ार भी है

इस प्रेम और समर्पण का
कुछ पल नही जीवन भर का साथ है
मेरे हर धड़कन में जीवन है
जो हाथ मे तुम्हारा हाथ है