मेरी हर धड़कन में , मेरी हर सासों में
तुम ही तो है बस मेरे अहसासों में
मेरे सपनो में , मेरे वादों में
तुही बसा है मेरी सब यादो में
उड़ते हवा की साज में तू है
उन चिडियों की आवाज में तू है
मेरे हर एक दिन में तू है
मेरी हर एक रात में तू है
चंद में तू है, तू ही है तारो में
पतझड़ में तू है, तू ही बहारो में
फूलो के सब रंगों में तुम हो
हवा में उड़ती पतंगों में तुम हो
बस तुमसे मैं हूँ ... बस मुझमे तुम हो
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