Monday, October 13, 2008

मेरे ख्वाबो को तेरे ख्वाबो का आसरा जो मिल गया
खुशियों से मेरे जहाँ का फूल हर एक खिल गया

महका महका सा लगने लगा हर एक हवा का झोका
रंगीन सी लगने लगी उड़ते बादल की हर घटा

चाँद हर पर रूप बदलता सा लगने लगा है मुझे

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