तेरे अहसासों में खोये हम कुछ इस तरह थे
कि ये भी ना जाना कि पास तू नही
धडकनों में बस तेरे साँस कि धुन है
हर एक धुन का साज बस तू ही
आइने में , पानी कि लहरों में , बदलो में
बस तेरी एक तस्वीर नज़र आती है
तेरे हाथो कि लकीरों में अक्सर
मुझे अपनी तकदीर नजर आती है
1 comment:
Parulji, bahut hi sundar dard bhari rachana hai aapki,
---------------------------"VISHAL"
Post a Comment