दिल ने बस चाह इतना
कि वक़्त उस पल में थम जाये
हो करीब इतना दिलबर के हम,
न कभी दूर हम जाये
एक पल में इतना क्यू दूर हो गए
क्यू दूरियों से हम मजबूर हो गए
चाहत कम नहीं होती दूर होने से
पर दूरियों के कैसे गम जाये
इतना पास हो जाये हम दोनों
ना कभी दूर हम जाये
तडपता भी है दिल अकसर
कटता नहीं है एक भी पल
आँखों में जब आंसू हो
होंठ कैसे फिर मुस्कुराये
फिर आ कर करीब तेरे
न कभी दूर हम जाये
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