जिंदगी मुस्कुराने को कहती है
मुस्कुराने की वजह भी देती
फिर भी न जाने क्यों
धड़कने लब को मुस्कुराने नहीं देती
किसी की ख़ुशी जब अपनी न लगे
किसी का गम जब दिल तो न छुए
शायद वो अपने न रह गए
दूर जा के शायद इतने दूर हुए
शायद अब उनके दिल में
मेरी जगह नहीं है
उनको याद करने की
मेरे पास भी वजह तो नहीं है
जो पल खुशनुमा से साथ अपने
बस उनको ही कभी याद कर लेंगे
कभी बचपन की वो बाते
कभी वो गालिया यद् कर लेंगे
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