नया साल कुछ नई आशाये ले कर आए
नया साल दुनिया की सब खुशिया दे कर जाए
सब सपने जो तुमने देखे है ... पुरा कर दे ये साल नया
हर पल नई उमंगें हो, हर पल में हो धमाल नया
Wednesday, December 31, 2008
Monday, December 22, 2008
तेरा अहसाह ....
मुस्कान तेरी चुपके से आ के
मेरे होठो पर छा जाती है
एक चमक सी आँखों में
तेरे आने से आ जाती है
तेरे एक आवाज कानो में
सुर कई छेड़ देती है
तेरी सांसे भी चुपके से
सब कुछ मुझे से कह देती है
हवा की ठंडी कभी कभी
तेरे साथ का अहसाह दिलाती है
जैसे तुने छु कर भेजा हो
ऐसे मुझे को छु जाती है
चाँद में भी अक्सर मुझ को
सूरत तेरी ही दिखती है
हर एक चीज में दुनिया की
मूरत तेरी ही दिखती है
मेरे होठो पर छा जाती है
एक चमक सी आँखों में
तेरे आने से आ जाती है
तेरे एक आवाज कानो में
सुर कई छेड़ देती है
तेरी सांसे भी चुपके से
सब कुछ मुझे से कह देती है
हवा की ठंडी कभी कभी
तेरे साथ का अहसाह दिलाती है
जैसे तुने छु कर भेजा हो
ऐसे मुझे को छु जाती है
चाँद में भी अक्सर मुझ को
सूरत तेरी ही दिखती है
हर एक चीज में दुनिया की
मूरत तेरी ही दिखती है
Wednesday, December 17, 2008
एक और अहसाह .......
यु लगता तो है कभी कभी
ना समझते हो तुम इस दिल की बाते
जज्बातों से शायद अनजान हो
समझते नही अनकही बाते
पर कभी ऐसा भी लगता है
तुमसे ज्यादा मुझे कोई नही जनता
ऐसे इस दिल की धड़कन को
इस दुनिया में कोई नही पहचानता
शायद ये प्यार ही है जो ...
ख़ुद को दोनों किनारों में पाता है
कभी सबसे करीब दिलबर के
कभी सबसे दूर ख़ुद को पाता है
अहसास कई बार दिल को भी होता है
डर दिल का सच नही
फिर भी जाने क्यू डरा देती है
मन को उसकी बाते अनकही
शायद किसी का इतना करीब होना
दूर होने का डर भी देता है
शायद जो सच भी नही होता
वो भी सच समझ लेता है
ना समझते हो तुम इस दिल की बाते
जज्बातों से शायद अनजान हो
समझते नही अनकही बाते
पर कभी ऐसा भी लगता है
तुमसे ज्यादा मुझे कोई नही जनता
ऐसे इस दिल की धड़कन को
इस दुनिया में कोई नही पहचानता
शायद ये प्यार ही है जो ...
ख़ुद को दोनों किनारों में पाता है
कभी सबसे करीब दिलबर के
कभी सबसे दूर ख़ुद को पाता है
अहसास कई बार दिल को भी होता है
डर दिल का सच नही
फिर भी जाने क्यू डरा देती है
मन को उसकी बाते अनकही
शायद किसी का इतना करीब होना
दूर होने का डर भी देता है
शायद जो सच भी नही होता
वो भी सच समझ लेता है
Tuesday, December 16, 2008
कुछ तो कह दो ....
अक्सर करीब हो के इतना
इतनी दूर क्यू हो जाते हो
इतना सब तो कह देते हो तुम
पर कुछ बाते क्यू न कह पाते हो
इंतजार जब कर रहे थे हम
कि तुम अपना हाल ऐ दिल कह दो
अपने सरे मन की बाते ...
अपने खुशी और गम कह दो
तब खामोश से क्यू थे तुम ....
क्यू नजरे फेर ली थी तुमने
हम बेकरार से इंतजार करते रहे
क्यू कुछ भी ना कहा तुमने ....
इंतजार अब भी है दिल को
कि हाल ऐ दिल तुम कह सको
जो छुपाया है दिल में तुमने
वो बात मुझे तुम कह सको
इतनी दूर क्यू हो जाते हो
इतना सब तो कह देते हो तुम
पर कुछ बाते क्यू न कह पाते हो
इंतजार जब कर रहे थे हम
कि तुम अपना हाल ऐ दिल कह दो
अपने सरे मन की बाते ...
अपने खुशी और गम कह दो
तब खामोश से क्यू थे तुम ....
क्यू नजरे फेर ली थी तुमने
हम बेकरार से इंतजार करते रहे
क्यू कुछ भी ना कहा तुमने ....
इंतजार अब भी है दिल को
कि हाल ऐ दिल तुम कह सको
जो छुपाया है दिल में तुमने
वो बात मुझे तुम कह सको
न कह पाए
कुछ कहने की ख्वाइश थी
पर जुबा खामोश रह गई
आँखों ने भी कुछ कहना चाहा
पर वो भी चुप रह गई
इतना समझते हो मुझे
मेरे दिल की ये बात समझ न पाते हो
कई तो शायद तुम भी
मन की बाते सब न कह पाते हो
इतना अपनापन तो है फिर भी
जाने क्यू थोडी सी दुरी है
सब कुछ न कह पाने की
क्या इस दिल की मज़बूरी है
इससे हम भी अनजाने है
और तुम भी अनजाने हो
कभी सबसे करीब हो दिल के
कभी लगते सबसे अनजाने हो
पर जुबा खामोश रह गई
आँखों ने भी कुछ कहना चाहा
पर वो भी चुप रह गई
इतना समझते हो मुझे
मेरे दिल की ये बात समझ न पाते हो
कई तो शायद तुम भी
मन की बाते सब न कह पाते हो
इतना अपनापन तो है फिर भी
जाने क्यू थोडी सी दुरी है
सब कुछ न कह पाने की
क्या इस दिल की मज़बूरी है
इससे हम भी अनजाने है
और तुम भी अनजाने हो
कभी सबसे करीब हो दिल के
कभी लगते सबसे अनजाने हो
Wednesday, December 10, 2008
कुछ पल साथ थे तुम
कुछ पल जो साथ थे तुम......
लगा जिंदगी का साथ मिल गया
खुशियों से भरा लगने लगा हर पल मेरा,
दिल अपनेपन से भर गया
लगा जिंदगी का साथ मिल गया
खुशियों से भरा लगने लगा हर पल मेरा,
दिल अपनेपन से भर गया
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