यु लगता तो है कभी कभी
ना समझते हो तुम इस दिल की बाते
जज्बातों से शायद अनजान हो
समझते नही अनकही बाते
पर कभी ऐसा भी लगता है
तुमसे ज्यादा मुझे कोई नही जनता
ऐसे इस दिल की धड़कन को
इस दुनिया में कोई नही पहचानता
शायद ये प्यार ही है जो ...
ख़ुद को दोनों किनारों में पाता है
कभी सबसे करीब दिलबर के
कभी सबसे दूर ख़ुद को पाता है
अहसास कई बार दिल को भी होता है
डर दिल का सच नही
फिर भी जाने क्यू डरा देती है
मन को उसकी बाते अनकही
शायद किसी का इतना करीब होना
दूर होने का डर भी देता है
शायद जो सच भी नही होता
वो भी सच समझ लेता है
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