Thursday, October 27, 2016

उसका बचपन



उसका प्यारा सा बचपन
उसके छोटे से कदम
उसके संग हर पल में
जी रही हूं अपना बचपन

उसकी शरारते उसकी मासूमियत
उसकी बाते उसकी मुस्कराहट
उसका मासूम सा चहरा
उसकी नटखट सी शरारत

उसकी हर बात चुपके से
मोह लेती है सबका मन
उसके संग हर पल में
जी रही हूं अपना बचपन


उसका बचपन



उसका प्यारा सा बचपन
उसके छोटे से कदम
उसके संग हर पल में
जी रही हूं अपना बचपन

उसकी शरारते उसकी मासूमियत
उसकी बाते उसकी मुस्कराहट
उसका मासूम सा चहरा
उसकी नटखट सी शरारत

उसकी हर बात चुपके से
मोह लेती है सबका मन
उसके संग हर पल में
जी रही हूं अपना बचपन



जो हमको जिए



जिंदगी  की रहो में 
हम जैसे आगे चलते गए 
कुछ अजनबी  अपने बने 
कुछ अपने अजनबी बनते गए 

दुनिया की साथ ले कर चलना 
तो शायद  मुमकिन  ना था 
तो अपनी छोटी सी  दुनिया ले के 
 अपने साथ हम चलते गए 

ज्यादा लोगो से तो नहीं चाहा मैंने 
बस इतनी सी चाहत है दिल में 
जब मुस्कुराऊँ देख कर उनको 
तो वो भी चाहे धीरे से मुस्कुरा दिए 

क्या खोना है हमको यहाँ 
क्या पाना है हमको यहाँ 
बस कुछ ऐसे रिश्तो की चाहत है 
जो जाने के बाद भी हमको जिए 

Wednesday, September 14, 2016

वो इतने दूर हुए



जिंदगी मुस्कुराने को कहती है 
मुस्कुराने की वजह भी देती 
फिर भी न जाने क्यों 
धड़कने लब को मुस्कुराने नहीं देती 

किसी की ख़ुशी जब अपनी न लगे 
किसी का गम जब दिल तो न छुए 
शायद वो अपने न रह गए 
दूर जा के शायद इतने दूर हुए 

शायद अब  उनके दिल में 
मेरी जगह नहीं है 
उनको  याद करने की 
मेरे पास भी वजह तो नहीं है 

जो पल खुशनुमा से साथ अपने 
बस उनको ही कभी याद कर लेंगे 
कभी बचपन की वो बाते 
कभी वो गालिया यद् कर लेंगे