Wednesday, December 27, 2017

अस्मजस

ना अपना ही माना 
ना बेगाना ही कह सके 
ना खुद को समझा सके 
"तुम मुझे समझाना : कह सके 

अजीब हालत है दिल के 
ना जाने दिल चाहता क्या है 
ना छोड़ सकू न रोक सकू 
ना जाने दिल के हालत क्या है 

कुछ अजीब अहसास है शायद 
जो धड़कनो को महसूस होता है 
कि  याद करे या भूल जाये 
ये अस्मजस सा मन में होता है 




Sunday, December 24, 2017

एक पल का अहसास

वो एक पल का अहसास था शायद 
उस पल  के साथ बीत गया 
जिंदगी जिनकी सदा से थी 
बस उनका साथ जीत गया 

एक पल की ख़ुशी 
या एक पल का गम 
न बदल सकेगा का कुछ 
न बदल सके गए हम 

शायद उस एक पल से 
मिली मेरे होंठो को मुस्कान 
मिला  एक पल का सुकून 
मिला एक पल का अरमान 

वो अहसाह वो अरमान 
उस पल के साथ बीत गया 
जिंदगी , मेरी ख़ुशी जिनसे है 
बस उनका साथ जीत गया 



Friday, December 22, 2017

वजह

कुछ बताने की वजह 
कभी मुस्कुराने की वहज 
कभी पास आने की वजह 
कभी दूर जाने की वजह  
              जाने क्यों तुम बनते गए 
कभी याद  आने की वजह
 कभी भूल  जाने की वजह
 कभी जागने की वजह 
कभी सो जाने की वजह  
              जाने क्यों तुम बनते गए 
कभी सब बोल देने की वजह
कभी चुप रहने की वजह 
कभी  धड़कने बढ़ाने की वजह
 कभी धड़कने रुक जाने की वजह
                  जाने क्यों तुम बनते गए 

Wednesday, December 20, 2017

एक चक्र सी जिंदगी

मेरी जिंदगी जाने क्यों
 एक चक्र सी लगती है 
कुछ पल बढ़ने के बाद ,
जिंदगी फिर वैसी ही लगती है 

फिर कोई आ जाता है 
जो किसी भूले को याद दिला देता है 
कुछ बाते ऐसी ऐसी कर जाता है 
धड़कन को बढ़ा देता है 

कुछ बाते अंजनी सी सुनी सुनी सी लगती है 
कुछ पल बढ़ने के बाद ,
जिंदगी फिर वैसी ही लगती है 

ना वापस जाने की ख्वाइश है 
फिर भी कोई खींचता है 
क्यों ये पल वापस आया 
दिल ये ही सोचता है 

क्यों नए अध्यायों  में 
कोई पुरानी किताब  सी लगती है 
कुछ पल बढ़ने के बाद ,
जिंदगी फिर वैसी ही लगती है 

Tuesday, September 19, 2017

उदास सी जिंदगी




कभी कभी उदास सी 
ये जिंदगी होने लगती है 
जैसे हर उम्मीद हर चाहत 
खोने सी लगती है 

ना आँखों में कोई चमक 
ना होंठो पर कोई मुस्कान 
ना जाने क्यों ठरता नहीं 
जैसे कोई समंदर का तूफान 

मन करता है जैसे 
कही दूर निकल जाऊ 
जहाँ शायद हो कुछ खुशिया 
किसी उम्मीद से मिल जाऊ 

ख्वाहिशो को रोका है 
जरूरतों को टोका है 
कुछ वक्त माँगा है 
पर ये वक़्त ही तो धोखा है 

पर वक़्त ही तो कहता है 
कुछ पल ठहर जाये 
शायद् आने वाले पल में 
जिंदगी से मिल जाये