वो धीरे से मुस्कुरा कर
मेरी मुस्कराहट छीन लेते है
वो धीरे बोल के निकल जाते है
मेरी नींदें छीन लेते है
न कुछ बोल पाते है
न चुप ही रह पाते है
जो अनकही सी रह जाती है
वो इतनी सारी बाते है
शायद खामोशिया मेरी
सब कुछ ठीक कर देंगी
जो कह कर न कह सके
वो तुमको बयां कर देगी
मेरी मुस्कराहट छीन लेते है
वो धीरे बोल के निकल जाते है
मेरी नींदें छीन लेते है
न कुछ बोल पाते है
न चुप ही रह पाते है
जो अनकही सी रह जाती है
वो इतनी सारी बाते है
शायद खामोशिया मेरी
सब कुछ ठीक कर देंगी
जो कह कर न कह सके
वो तुमको बयां कर देगी
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