Wednesday, May 30, 2018

तेरी मोहब्बत बसती गयीं

जाने क्यों ऐसा होता गया
तुम इतने करीब आये दिल तुम्हारा होता गया
तुम्हारी बातो का या तुम्हारी आँखों का था असर
मेरे जहन का हर ख़याल तुम्हारा होता गया 


कभी चुपके से आँखों में नए सपने सजा देना
कभी धीरे से होठो पर मुस्कान सजा देना
तुम्हारे अपना होने का अहसास धड़कन में भर के
मुझे अपनी हर धड़कन में बसा लेना

हर पल दिल मे तेरी चाहत बढ़ती गयीं
हर अहसास में तेरी मोहब्बत बसती गयीं
तुम यू समा गए हो खयालो में मेरे
हर लम्हे में तुम्हारी कहानी लिखती गयीं

कितना उनसे प्यार है

कुछ पल का ही है ,
       पर लम्बा बड़ा ये इंतज़ार है
धड़कने बढ़ने लगी है
        सांसे भी मेरी बेक़रार है
नींदे भी वो ले कर गए
        पलकों पर छाया खुमार है
लफ्जो में न बयां कर सकू
        कि  कितना हमें उनसे प्यार है



खो जाऊ

कभी तुम्हारी आँखों मे खो जाऊ
कभी तुम्हारी बातो में खो जाऊ
इतने करीब आ जाओ मेरे
कि मैं तुम्हारी साँसों में खो जाऊ

अभी भी कानो में तुम्हारी धड़कने है
अभी भी इन लबो पर तुम्हारे निशां है
हर पल पर यू लिख गए तुम नाम अपना
कि अब हर पल मुझ पर तुम्हारा ही नशा है

तुम दूर होकर भी इतने करीब हो
हर सुख दुख में तुम्ही याद आते हो
एक बंधन सा दिल ने बांधा हो जैसे
कभी मैं तुमसे कभी तुम मुझसे जुड़ जाते हो

Wednesday, May 2, 2018

तुम्हारा नाम लिख गया

हर लम्हे पर यू तुम्हारा नाम लिख गया 
जैसे कोई तुम्हारे लिए मेरी सुबह शाम लिख गया 
जब आँख खुली तो तुम ही मेरे जहन में 
बंद आँखों में तुम्हारे ख्वाबो के पैगाम लिख गया 

मेरी जिंदगी जैसे एक खुली किताब बन गयी 
तुम्हारी बाते मेरी सब सवालो का जवाब बन गयी 
ख्वाहिशे खुदा ने ऐसे पूरी कर दी ऐसे 
जैसे मेरी जिंदगी एक प्यारा सा ख्वाब बन गयी

हर अहसाह में मुहब्बत ही मुहब्बत है 
हर धड़कन में बस तुम्हारी ही चाहत है 
ना भगवान से ज्यादा कुछ माँगा है कभी 
तुम सदा पास रहो  बस ये ही इबादत है 

अहसासों से  जहाँ  अहसास मिल जाते 
मैं बंद करती आँखे तुम पास मिल जाते 
उस मोड़ तक तुम्हारे साथ चलना है 
जहाँ धरती और आकाश मिल जाते