हर लम्हे पर यू तुम्हारा नाम लिख गया
जैसे कोई तुम्हारे लिए मेरी सुबह शाम लिख गया
जब आँख खुली तो तुम ही मेरे जहन में
बंद आँखों में तुम्हारे ख्वाबो के पैगाम लिख गया
मेरी जिंदगी जैसे एक खुली किताब बन गयी
तुम्हारी बाते मेरी सब सवालो का जवाब बन गयी
ख्वाहिशे खुदा ने ऐसे पूरी कर दी ऐसे
जैसे मेरी जिंदगी एक प्यारा सा ख्वाब बन गयी
हर अहसाह में मुहब्बत ही मुहब्बत है
हर धड़कन में बस तुम्हारी ही चाहत है
ना भगवान से ज्यादा कुछ माँगा है कभी
तुम सदा पास रहो बस ये ही इबादत है
अहसासों से जहाँ अहसास मिल जाते
मैं बंद करती आँखे तुम पास मिल जाते
उस मोड़ तक तुम्हारे साथ चलना है
जहाँ धरती और आकाश मिल जाते
अहसासों से जहाँ अहसास मिल जाते
मैं बंद करती आँखे तुम पास मिल जाते
उस मोड़ तक तुम्हारे साथ चलना है
जहाँ धरती और आकाश मिल जाते
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