कुछ पल का ही है ,
पर लम्बा बड़ा ये इंतज़ार है
धड़कने बढ़ने लगी है
सांसे भी मेरी बेक़रार है
नींदे भी वो ले कर गए
पलकों पर छाया खुमार है
लफ्जो में न बयां कर सकू
कि कितना हमें उनसे प्यार है
पर लम्बा बड़ा ये इंतज़ार है
धड़कने बढ़ने लगी है
सांसे भी मेरी बेक़रार है
नींदे भी वो ले कर गए
पलकों पर छाया खुमार है
लफ्जो में न बयां कर सकू
कि कितना हमें उनसे प्यार है
No comments:
Post a Comment