जाने क्यों ऐसा होता गया
तुम इतने करीब आये दिल तुम्हारा होता गया
तुम्हारी बातो का या तुम्हारी आँखों का था असर
मेरे जहन का हर ख़याल तुम्हारा होता गया
कभी चुपके से आँखों में नए सपने सजा देना
कभी धीरे से होठो पर मुस्कान सजा देना
तुम्हारे अपना होने का अहसास धड़कन में भर के
मुझे अपनी हर धड़कन में बसा लेना
हर पल दिल मे तेरी चाहत बढ़ती गयीं
हर अहसास में तेरी मोहब्बत बसती गयीं
तुम यू समा गए हो खयालो में मेरे
हर लम्हे में तुम्हारी कहानी लिखती गयीं
तुम इतने करीब आये दिल तुम्हारा होता गया
तुम्हारी बातो का या तुम्हारी आँखों का था असर
मेरे जहन का हर ख़याल तुम्हारा होता गया
कभी चुपके से आँखों में नए सपने सजा देना
कभी धीरे से होठो पर मुस्कान सजा देना
तुम्हारे अपना होने का अहसास धड़कन में भर के
मुझे अपनी हर धड़कन में बसा लेना
हर पल दिल मे तेरी चाहत बढ़ती गयीं
हर अहसास में तेरी मोहब्बत बसती गयीं
तुम यू समा गए हो खयालो में मेरे
हर लम्हे में तुम्हारी कहानी लिखती गयीं
No comments:
Post a Comment