Monday, October 12, 2020

माँ कब वापस आओ गी

 माँ तुम कब वापस आओ गी 


इन नन्हे हाथो ने फिर पूछा 

इन  मासूम आँखों में फिर ढूंढा 

कब मेरा बचपन फिर लौटाओगी 

माँ तुम कब वापस आओ गी 


मैंने खाया या नहीं किसी को ख्याल नहीं 

मेरी मुस्कान या गुस्से पर भी सवाल नहीं

एक निवाला प्यार का फिर कब खिलाओगी 

माँ तुम कब वापस आओ गी 


याद आता है तेरी गोदी में सो जाना 

मेरी हर जिद तेरा ख़ुशी से उठाना 

अपने ममता के खजाने को मुझपे लुटाओगी  

माँ तुम कब वापस आओ गी 


मासूम से होठो ने पूछा जब जब 

सबने बोले  तुम एक सितारा हो अब

फिर मेरी दुनिया को कब चमकाओ गी 

माँ तुम कब वापस आओ गी 


मेरी सब खिलोनो को जैसे चुरा  लिया 

जाने कैसे बड़ो की दुनिया से मिला दिया 

वापस मुझ को बचपन में ले आओगी 

माँ तुम कब वापस आओ गी 


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