माँ तुम कब वापस आओ गी
इन नन्हे हाथो ने फिर पूछा
इन मासूम आँखों में फिर ढूंढा
कब मेरा बचपन फिर लौटाओगी
माँ तुम कब वापस आओ गी
मैंने खाया या नहीं किसी को ख्याल नहीं
मेरी मुस्कान या गुस्से पर भी सवाल नहीं
एक निवाला प्यार का फिर कब खिलाओगी
माँ तुम कब वापस आओ गी
याद आता है तेरी गोदी में सो जाना
मेरी हर जिद तेरा ख़ुशी से उठाना
अपने ममता के खजाने को मुझपे लुटाओगी
माँ तुम कब वापस आओ गी
मासूम से होठो ने पूछा जब जब
सबने बोले तुम एक सितारा हो अब
फिर मेरी दुनिया को कब चमकाओ गी
माँ तुम कब वापस आओ गी
मेरी सब खिलोनो को जैसे चुरा लिया
जाने कैसे बड़ो की दुनिया से मिला दिया
वापस मुझ को बचपन में ले आओगी
माँ तुम कब वापस आओ गी
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