तन्हाईयो में यु सारी हमारी बात गुजर जाती
हम कुछ न कहते और सारी रात गुजर जाती
कोई हवा की लहर तुम्हे छू के मुझे छूती
तुम्हारी महक मुझ में भी बस जाती
कभी आँखों में मेरी देख कर तुम खो जाते
कभी बाहो में तुम्हारे मै सिमट जाती
कभी मेरे लबो को अपने लबो से छूते
और हमारी साँसे एक दूजे से जुड़ जाती
कभी तुम मुझ मे समां जाते
कभी मैं तुम में समां जाती
कभी मैं तुम में समां जाती
उस पल हम तुमसे इतने करीब होते
कि हवा भी हमारे बीच नहीं आती
कि हवा भी हमारे बीच नहीं आती
तुम पास होते तो जिंदगी अलग होती
शायद खुशियों की परिभाषा बदल जाती
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