हर ओर तन्हाई नज़र आती है
साथ गम को परछाई नज़र आती है
अकेला खुद को महसूस करते है
दुनिया की रुसवाई नज़र आती है
तभी दिल चुपके से कुछ बोल देता है
सारे राज़ अपने खोल देता है
तन्हाई में तो कोई अपना याद आता है
जिसको दिल अपने सबसे करीब पाता है
उसको ही सारा हाल ए दिल बता दूँ
जो महसूस हुआ उसको एक बार जता दूँ
शायद वो मेरे सारे गम उड़ा दे
एक मुस्कान होंठो पर वापस ला दे
शायद उसका अपनापन ही सहारा है
मुझे समझ सके ऐसा वो ही बस हमारा है
साथ गम को परछाई नज़र आती है
अकेला खुद को महसूस करते है
दुनिया की रुसवाई नज़र आती है
तभी दिल चुपके से कुछ बोल देता है
सारे राज़ अपने खोल देता है
तन्हाई में तो कोई अपना याद आता है
जिसको दिल अपने सबसे करीब पाता है
उसको ही सारा हाल ए दिल बता दूँ
जो महसूस हुआ उसको एक बार जता दूँ
शायद वो मेरे सारे गम उड़ा दे
एक मुस्कान होंठो पर वापस ला दे
शायद उसका अपनापन ही सहारा है
मुझे समझ सके ऐसा वो ही बस हमारा है
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