हम अहसासों में ढुढते रहे अपनी दुनिया
उन अहसासों से आगे एक हकीकत भी है
हम ढुढते रहे उनकी आँखों में चाहत
न सोचा की उनको क्या हमसे मुहबत भी है
उन्होंने ने कह दिया अब दूर तुम्हे जाना होगा,
इन धडकनों से कैस दूर जा पाओ गे तुम
आँखों के सामने से दूर जा भी सकते हो
ये बता दो , यादो में कैसे न आओ गे तुम
तुमने कभी कहा तो नही कि तुम्हे भी प्यार है
फ़िर भी दिल को एतबार था अपने अहसासों पर
फिर भी प्यार दिल से करते रहे हम
देते रहे हम तुम्हे हक हमारी सांसो पर
बस ये ही दुआ है है मेरी, खुश रहो सदा तुम
हम भी रह लेंगे खुश की दूर कही खुश तुम हो
बन सके न हम हिस्सा तुम्हारी जिन्दगी का
मेरी जिंदगी एक अटूट हिस्सा तुम हो
No comments:
Post a Comment