Friday, November 6, 2009

तुमसे मुहब्बत है

जिंदगी को जिंदगी का नाम दिया तुमने
सांसो को खुशियों का पैगाम दिया तुमने
तुमसे पा कर पा ली हर जहाँ की जन्नत
मेरी दुनिया को एक नया नाम दिया तुमने

तुम पास हो तो और कोई चाहत नही है
तुम दूर हो तो , खुशिया भी दूर कही है
तुम्हारा प्यार धडकनों को सहारा देता है ,
तुम्हारे प्यार मेरे आसमा , जमी है

तुम मिले तो जाना दुनिया कितनी खुबसूरत है
ना बाया कर सकते की कितनी चाहत है
धड़कने बस धड़कती है तुम्हारे लिए
अपनी जिंदगी से ज्यादा हमे तुमसे महुब्बत है

Sunday, November 1, 2009

तुम्हारा साथ ....

जिंदगी के सफर पर चल रहे थे हम
अब ये सफर और हसीन लगता है
साथ तेरा जब से मिला हमसफर
दुनिया का रंग और रंगीन लगता है

सारी दुनिया अलग सी लगती है
जैसे कोई ख्वाब सच होने सा लगा
खुशिया इतनी मिली साथ तेरे
हर एक गम कही खोने सा लगा

जिंदगी नही दिशा दी तुमने
होठो को एक नही मुस्कान दे दिया
आँखों को नए सपने दिए तुमने
अरमानो यो नया आसमान दे दिया

तुम्हारे प्यार में है मेरी जिंदगी
तुमही आसमा मेरा, तुमही जमी
तुमही मेरे दिल की हर धड़कन में हो
तुम्हारे साथ में सबसे बड़ी है खुशी

Tuesday, October 27, 2009

तुम ही ....

तुझ में ही ढूढ़ ली दुनिया हमने
तुझ में मेरा जहाँ है मेरा
हर साँस तेरे नाम कर दी हमने
मेरी जमीन , तू आसमा है मेरा

तुम मेरे साथ रहना सदा
बस इतनी सी है खवाइश दिल में
हर राह के हम सफर हो बस तुम
हो तुम ही अब हर मंजिल में

हाथ तेरा हर पल मेरे हाथ में हो
हर कदम तू मेरे साथ में हो
जिंदगी बस तुम हो मेरी
तुमही मेरी हर जज्बात में हो

Friday, July 10, 2009

साथ तेरा

तेरे अहसास को कुछ ऐसे जी लिया हमने
यु लगा कि आसमा कोई छु लिया है हमने
जिंदगी खूबसूरत हर पल में लगी
तेरे साथ एक नया जहाँ पा लिया हमने

यु लगा तेरा हाथ थामे थामे
सारी शामे यु ही गुजारी रहे
रास्ते खत्म न हो कही भी
जिस राह पर हम चलते रहे

अब दिल को कई बार महसूस हुआ
कि राह भी तुम हो मजिल भी तुम हो
जिंदगी के इस हसीं सफर में
कश्ती भी तुम हो साहिल भी तुम हो

Monday, July 6, 2009

कुछ इस तरह

एक खुबसूरत सा अहसास आज जी लिया हमने
कुछ इस तरह से आज छु लिया तुमने
तेरा अहसास अब भी मेरे साथ ही है
हाल दिल कुछ इस तरह से कह दिया तुमने

तेरे हाथो का स्पर्श अब भी महसूस होता है
तेरा हाथो को पकड़ना दिल को छुता है
तेरी नजरो से मिल के नज़रे तड़प सी जाती है
तेरी पास होने का असर हर धड़कन पर होता है

कई बार आँखों से सब कुछ कही दिया तुमने
चुपके से अपनी नज़रो से छु लिया तुमने
तू दूर जा के भी पास है दिल के
कुछ इस तरह से आज छु लिया तुमने

प्यार तेरा

इंतजार तेरा हर लम्हों में है
अहसास तेरा मेरी सांसो में है
प्यार तेरा मेरी धड़कन में है
जिकर तेरा ही मेरी बातो में है

हर मोड़ पर चलते चलते
कही तुमसे मिल जाती हूं मैं
किसी फूल की डाली की तरह
तुमसे मिल के खिल जाती हूं मैं

एक नशा सा उन मुलाकातों में है
एक कशिश सी तेरी बातो में है
प्यार तेरी हर अदा से है
इश्क तेरा मेरे सब जज्बातों में है

दूर हो कर गिनते है पल पल
वक्त उनके पास आने के
दूर हो कर भी दे जाते है
वो पल मुझे मुस्कुराने के

जिंदगी बस तेरे साथ में है
तकदीर मेरी तेरे हाथ में है
फिकर है हमे दुनिया की कोई
जब तक हाथ तेरा मेरे हाथ में है




Friday, June 12, 2009

बस तुम्हारी

तू अहसास है कोई दिल का
या धड़कन की आवाज है तू
कोई मीठी सी धुन है
कोई सुरीला साज़ है तू

जिस ओर भी गए हम
तू मेरे पास तो है
तू पास है या नही
पर साथ तेरा अहसाह तो है

हर बार तेरी कोई बात
होठो पर मुस्कान दे जाती है
हर बार तेरी यादे
कोई मीठा सा दर्द दे जाती है

हम दूर तो है ...
पर कुछ पल बाद पास आना है
उस पल के बाद
बस तुम्हारी हो जाना है

Tuesday, June 9, 2009

तेरी यादे


खुश हु या नही ....
दिल को ये अहसास नही है
पर गम तो है दिल में
की तू मेरे पास नही है

जब सोचा मैंने ....
जिंदगी में गम ही गम है
पर साथ थे कभी हम तुम
ये भी क्या कम है

कुछ पल तो थे वो
जब इतने पास थे तुम
हर एक सुबह में थे
थे हर एक रात में तुम

पल भर में इतने दूर से
हमे तुम क्यू लगने लगे
कभी खवाइश में जगने थे
अब यादो में जगने लगे

Monday, June 8, 2009

उनके खयालो में ,,,,,

उनकी बातो में खोये थे इस तरह
जाने कैसे सुबह से रात हो गई
यु ही अकेले चले थे राह पर हम
उनसे कही मेरी मुलाकात हो गई

आसमा से जमीन तक जहाँ देखा
बस आँखों को तुम नज़र आने लगे
खामोशी में भी कई बार ऐ दिलबर
किस्से बाते कई तुम सुनाने लगे

तेरे अल्फाज़ बन धुन कोई
कानो में बजने से लगते है
जो पल साथ रहे हम दिल
वो पल सपने से लगते से

कुछ बातें कुछ मुलाकाते
कुछ किस्से , कुछ बातें
सब तुझ से शुरू होने लगी
तुझ पर ही खत्म होती है बातें

Friday, June 5, 2009

तुम अपने लगने लगे

आँखों में कुछ खवाब नए जगने लगे
धीरे धीरे आप मुझे अपने लगने लगे
कुछ कदम साथ चल कर मेरे
जिंदगी के साथी तुम लगने लगे

मेरे ख्वायिशो में भी तुम्हारा रंग है
हर पल तू मेरे संग है
हर पल में कई पल चलने लगे
धीरे धीर आप मुझे अपने लगने लगे

हर ख्याल में तेरा ही ख्याल है
तू जवाब और तू ही सवाल है
दिल की हर बात तुमसे कहने लगे
धीरे धीरे से आप मुझे अपने लगने लगे








Wednesday, June 3, 2009

खवाब

जिंदगी से कुछ पल चुरा लू मैं
आसमा थोड़ा सा अपना बना लू मैं
उड़ कर छु लू सितारों का कहा कोई
जिंदगी एक खुबसूरत सपना बना लू मैं

कुछ ऐसा पाने ख्वाईश दिल में जगी
दुनिया कुछ बदली सी मुझे लगी
बदले से हम या बदले से सब है
रहे सब मुझ को अलग सी लगी

कल के डर को दूर कर दिया कही
जिस और चले बना लू मंजिल वही
कुछ अलग सा महसूस हो रहा है दिल में
सुन रहा है मन कुछ बाते अनकही

Tuesday, June 2, 2009

असमंजस

जिस राह पर चल निकले है हम
न जानू वो राह सही या नही
जिस ओर बढ गए है कदम
उसकी कोई मंजिल है या नही

कुछ पल को तो उजाला था
पर आगे अँधेरा क्यू दिखता है
कुछ पल को जो दी थी खुशी
उससे आगे गम सा क्यू दिखता है

जिंदगी एक अनकही सी अनजानी सी
पहेली सी लगती है क्यू लगती है
क्यू तनहाइया दिल में अब
कुछ काँटों सी चुभती है

Thursday, May 28, 2009

प्यार से आगे

इकरार से आगे, इंकार से आगे
जिंदगी में पल और भी है , प्यार से आगे

कोई हो सका गर सदा के लिए
छोड़ गया कुछ पल तुम्हारे लिए

ले कर वो पल, बढ लो कुछ कदम आगे
जिंदगी में पल और भी है प्यार से आगे

शायद अब वो सुबह नही, हमदम साथ है जब
वो शाम नही जो साथ ढलती थी अब तक

पर अब टूट गए जब बन्धनों के धागे
ले कर वो पल, बढ लो कुछ कदम आगे

Friday, May 22, 2009

अकेलापन

क्यू रात कुछ ज्यादा लम्बी सी लगी
क्यू सुबह आज गुमसुम सी लगी
क्यू अकेले इतने है हम आज
की खुशिया भी हमे गम सी लगी

रात के तारो में क्यू चमक थी
आग की ज्वाला में क्यू दहक थी
क्यू खामोश सी सब हवाए थी
क्यू फूलो में भी कोई महक थी

जिंदगी इतनी वीरान सी क्यू लगी
दुनिया इतनी हैरान सी क्यू लगी
क्यू इतनी तनहा सी तन्हाई भी
दुनिया इतनी अनजान सी क्यू लगी

जाने क्यू

जाने क्यू दिल में ये ख्याल आया
क्यू टूटते है दिल ये सवाल आया
क्यू ऐसा कोई अहसाह दिल में उठता है
जो हर पल दिल में चुभता है

वो बात हर बात में दर्द देती है
जो याद मुस्कान छीन लेती है
जो साथ सबसे अकेला कर देता है
जो प्यार प्यार नही देता है

क्यू ये दिल इतना पत्थर हो पाता है
क्यू दिल हल दिल बताता है
क्यू जिदगी इतनी तनहा हो जाती है
क्यू खुशिया हमसे रुसवा हो जाती है

जिदगी में जाने क्यू ऐसे पल आते है
जब हम इतने तनहा हो जाते है
क्यू दिल प्यार किसी से इतना करता है
जब दुसरे के दिल वो अहसाह आते है