इकरार से आगे, इंकार से आगे
जिंदगी में पल और भी है , प्यार से आगे
कोई हो न सका गर सदा के लिए
छोड़ गया कुछ पल तुम्हारे लिए
ले कर वो पल, बढ लो कुछ कदम आगे
जिंदगी में पल और भी है प्यार से आगे
शायद अब वो सुबह नही, हमदम साथ है जब
वो शाम नही जो साथ ढलती थी अब तक
पर अब टूट गए जब बन्धनों के धागे
ले कर वो पल, बढ लो कुछ कदम आगे
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