Friday, May 15, 2009

क्या कहू

जो दिल महसूस कर रहा है
उसे प्यार कहू का कुछ और
उसके होने से जो होता है
उसे इकरार कहू या कुछ और

वो पास भी आता है फिर
चुपके से उसे भी चला जाता है
दर्द या का पर जाने क्यू
वो कभी समझ पाता है


जो सांसो में हलचल है
उसे एतबार कहू या कुछ और
को कह कर कह सके हम
उसे इजहार कहू या कुछ और

याद बन के कोई चुपके से
मन में कैसे जाता है
चाहो चाहो ,
आँखों में पानी दे जाता है

जिसको इतना याद करता है दिल
उसे अपना कहू या कुछ और
जो सच हो सकी तमन्ना
उसे सपना कहू या कुछ और

No comments: