इकरार से आगे, इंकार से आगे
जिंदगी में पल और भी है , प्यार से आगे
कोई हो न सका गर सदा के लिए
छोड़ गया कुछ पल तुम्हारे लिए
ले कर वो पल, बढ लो कुछ कदम आगे
जिंदगी में पल और भी है प्यार से आगे
शायद अब वो सुबह नही, हमदम साथ है जब
वो शाम नही जो साथ ढलती थी अब तक
पर अब टूट गए जब बन्धनों के धागे
ले कर वो पल, बढ लो कुछ कदम आगे
Thursday, May 28, 2009
Friday, May 22, 2009
अकेलापन
क्यू रात कुछ ज्यादा लम्बी सी लगी
क्यू सुबह आज गुमसुम सी लगी
क्यू अकेले इतने है हम आज
की खुशिया भी हमे गम सी लगी
रात के तारो में क्यू चमक न थी
आग की ज्वाला में क्यू दहक न थी
क्यू खामोश सी सब हवाए थी
क्यू फूलो में भी कोई महक न थी
जिंदगी इतनी वीरान सी क्यू लगी
दुनिया इतनी हैरान सी क्यू लगी
क्यू इतनी तनहा सी तन्हाई भी
दुनिया इतनी अनजान सी क्यू लगी
क्यू सुबह आज गुमसुम सी लगी
क्यू अकेले इतने है हम आज
की खुशिया भी हमे गम सी लगी
रात के तारो में क्यू चमक न थी
आग की ज्वाला में क्यू दहक न थी
क्यू खामोश सी सब हवाए थी
क्यू फूलो में भी कोई महक न थी
जिंदगी इतनी वीरान सी क्यू लगी
दुनिया इतनी हैरान सी क्यू लगी
क्यू इतनी तनहा सी तन्हाई भी
दुनिया इतनी अनजान सी क्यू लगी
जाने क्यू
जाने क्यू दिल में ये ख्याल आया
क्यू टूटते है दिल ये सवाल आया
क्यू ऐसा कोई अहसाह दिल में उठता है
जो हर पल दिल में चुभता है
वो बात हर बात में दर्द देती है
जो याद मुस्कान छीन लेती है
जो साथ सबसे अकेला कर देता है
जो प्यार प्यार नही देता है
क्यू ये दिल इतना पत्थर न हो पाता है
क्यू दिल हल ऐ दिल न बताता है
क्यू जिदगी इतनी तनहा हो जाती है
क्यू खुशिया हमसे रुसवा हो जाती है
जिदगी में जाने क्यू ऐसे पल आते है
जब हम इतने तनहा हो जाते है
क्यू दिल प्यार किसी से इतना करता है
जब दुसरे के दिल वो अहसाह न आते है
क्यू टूटते है दिल ये सवाल आया
क्यू ऐसा कोई अहसाह दिल में उठता है
जो हर पल दिल में चुभता है
वो बात हर बात में दर्द देती है
जो याद मुस्कान छीन लेती है
जो साथ सबसे अकेला कर देता है
जो प्यार प्यार नही देता है
क्यू ये दिल इतना पत्थर न हो पाता है
क्यू दिल हल ऐ दिल न बताता है
क्यू जिदगी इतनी तनहा हो जाती है
क्यू खुशिया हमसे रुसवा हो जाती है
जिदगी में जाने क्यू ऐसे पल आते है
जब हम इतने तनहा हो जाते है
क्यू दिल प्यार किसी से इतना करता है
जब दुसरे के दिल वो अहसाह न आते है
Sunday, May 17, 2009
किसी की याद
क्यू अहसास दिल में उतर जाते है
फिर टूट के जमीन पर बिखर जाते है
किसी की याद जब इतना दर्द देती है
फिर वो क्यू इतना याद आते है
किसी मोड़ पर किसी अजनबी को
दिल क्यू इतना अपना बना लेता है
कोई रिश्ता , कोई बंधन सा,
अपने खुशी गम उस से जोड़ लेता है
हम रुक जाने है कई बार उनके लिए
पर वो अपनी राह पर निकल जाते है
किसी की याद जब इतना दर्द देती है
फिर वो क्यू इतना याद आते है
बस खवाइश में एक बात होती है
की एक बार और मुलाकात हो जाए
दिल की हजार बातें की थी जिससे
फिर उससे कुछ बात हो जाए
पर शायद वो इतनी दूर होते है
की दिल की आवाज भी सुन न पाते है
किसी की याद जब इतना दर्द देती है
फिर वो क्यू इतना याद आते है
फिर टूट के जमीन पर बिखर जाते है
किसी की याद जब इतना दर्द देती है
फिर वो क्यू इतना याद आते है
किसी मोड़ पर किसी अजनबी को
दिल क्यू इतना अपना बना लेता है
कोई रिश्ता , कोई बंधन सा,
अपने खुशी गम उस से जोड़ लेता है
हम रुक जाने है कई बार उनके लिए
पर वो अपनी राह पर निकल जाते है
किसी की याद जब इतना दर्द देती है
फिर वो क्यू इतना याद आते है
बस खवाइश में एक बात होती है
की एक बार और मुलाकात हो जाए
दिल की हजार बातें की थी जिससे
फिर उससे कुछ बात हो जाए
पर शायद वो इतनी दूर होते है
की दिल की आवाज भी सुन न पाते है
किसी की याद जब इतना दर्द देती है
फिर वो क्यू इतना याद आते है
Friday, May 15, 2009
अनजान वक्त
किसी को कर के करीब इतना
बहुत दूर कर देती है जिंदगी
कुछ पल की छोटी सी खुशी
दे जाती है आंसू कई
वक्त का हर लम्हा क्यू
हमसे इतना अनजान होता है
किसी के लिए हजारो आंसू
किसी के लिए मुस्कान होता है
कोई किसी पल करीब आ के
अपनों से भी अपना बन जाता है
अगले ही पल हो कर दूर इतना
बस एक सपना बन जाता है
किसी का प्यार धड़कन में छुपाये
जिंदगी जीनी क्यू पड़ती है
आँखों में चाहे हो कितने गम
खुशिया जीनी क्यू पड़ती है
शायद आज की है जो खुशी
कल वो बस याद बन जाए
जिस पल में जी है जिंदगी
वो बस एक बात बन जाए
पर वो पल जो आज खास है
कल भी खास ही रहे गे
दुनिया जाने न जाने सब
वो पल दिल के पास ही रहे गे
बहुत दूर कर देती है जिंदगी
कुछ पल की छोटी सी खुशी
दे जाती है आंसू कई
वक्त का हर लम्हा क्यू
हमसे इतना अनजान होता है
किसी के लिए हजारो आंसू
किसी के लिए मुस्कान होता है
कोई किसी पल करीब आ के
अपनों से भी अपना बन जाता है
अगले ही पल हो कर दूर इतना
बस एक सपना बन जाता है
किसी का प्यार धड़कन में छुपाये
जिंदगी जीनी क्यू पड़ती है
आँखों में चाहे हो कितने गम
खुशिया जीनी क्यू पड़ती है
शायद आज की है जो खुशी
कल वो बस याद बन जाए
जिस पल में जी है जिंदगी
वो बस एक बात बन जाए
पर वो पल जो आज खास है
कल भी खास ही रहे गे
दुनिया जाने न जाने सब
वो पल दिल के पास ही रहे गे
क्या कहू
जो दिल महसूस कर रहा है
उसे प्यार कहू का कुछ और
उसके न होने से जो होता है
उसे इकरार कहू या कुछ और
वो पास भी आता है फिर
चुपके से उसे भी चला जाता है
दर्द या का पर जाने क्यू
वो कभी समझ न पाता है
जो सांसो में हलचल है
उसे एतबार कहू या कुछ और
को कह कर न कह सके हम
उसे इजहार कहू या कुछ और
याद बन के कोई चुपके से
मन में कैसे आ जाता है
चाहो न चाहो ,
आँखों में पानी दे जाता है
जिसको इतना याद करता है दिल
उसे अपना कहू या कुछ और
जो सच न हो सकी तमन्ना
उसे सपना कहू या कुछ और
उसे प्यार कहू का कुछ और
उसके न होने से जो होता है
उसे इकरार कहू या कुछ और
वो पास भी आता है फिर
चुपके से उसे भी चला जाता है
दर्द या का पर जाने क्यू
वो कभी समझ न पाता है
जो सांसो में हलचल है
उसे एतबार कहू या कुछ और
को कह कर न कह सके हम
उसे इजहार कहू या कुछ और
याद बन के कोई चुपके से
मन में कैसे आ जाता है
चाहो न चाहो ,
आँखों में पानी दे जाता है
जिसको इतना याद करता है दिल
उसे अपना कहू या कुछ और
जो सच न हो सकी तमन्ना
उसे सपना कहू या कुछ और
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