यू अश्को आंखों में कई बार छुपा लेती हूं मैं
धीरे से खुद को अपनी बात बता देती हूं मैं
हर कदम मिलेगा न कोई हमसफर हमको
इसी लिए खुद को हमसफर बना लेती हूं मैं
धीरे से खुद को अपनी बात बता देती हूं मैं
हर कदम मिलेगा न कोई हमसफर हमको
इसी लिए खुद को हमसफर बना लेती हूं मैं
जब दिल मे हलचल सी उठने लगती है
आंखों गुमसुम सी रातो में जगती है
कुछ बातों का अहसासों तूफान धड़कन में
अपनी एक कहानी अनकही सी लगती है
आंखों गुमसुम सी रातो में जगती है
कुछ बातों का अहसासों तूफान धड़कन में
अपनी एक कहानी अनकही सी लगती है
ऐसी किसी बात को शब्दों में बुनकर
किसी पन्ने पर कविता में रचा देती हूं मैं
जो कह न सकी जो कोई सुन न सका
वो उन शब्दों में खुद को सुना देती हूं मैं
किसी पन्ने पर कविता में रचा देती हूं मैं
जो कह न सकी जो कोई सुन न सका
वो उन शब्दों में खुद को सुना देती हूं मैं
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