Saturday, December 15, 2018

अपने दोस्त

भीड़ में भी खुद को अकेला पाया है
जाने क्यों फिर एक आंसू छलक आया है
खुश सब लोग है पर जाने में खुश क्यू नही
जाने किस गम ने मुझे इतना सताया है
दोस्त भी हर पल साथ कहाँ होते है
अपने भी कभी दूर कभी पास होते है
जरूरत हो तो दूसरे के पास भी वक़्त हो
ऐसे इतेफाक  यहां भी कम ही होते हैं
फिर कैसे अकेलेपन को दूर भगाये हम
कैसे फिर से मुस्कुराये कैसे खिलखिलाए हम
शायद दुसरो में दोस्त ढूंढना नही गलत था
क्यों न अपने ही दोस्त बन जाए हम

Tuesday, December 11, 2018

मेरी पहचान

मेरे सिमटे से पंखों को
उड़ना सिखाया किसने
ये हौसला मेरी हिम्मत का था
या असर तेरी मोहब्बत का
किसी ने बांध दिए थे
जैसे कदमो को मेरे
ख्वाहिश तो बहुत थी
कमी बस एक कोशिश की थी
मुझे उस कोशिश की ओर बढ़ाया तुमने
मुझे फिर से जीना सिखाया तुमने
तुमने जो राह चुनी उसमे मैं चल पड़ी
उस भीड़ में अपनी पहचान मिली

Thursday, October 25, 2018

तन्हाइयां

तन्हाइयां ही शायद किस्मत है मेरी
हमेशा साथ कहा कोई रह पाता है
सबकी अपनी एक दुनिया है
उसमे सबको जगह कहाँ दे पाता है
किसी आंसू भी , रोधी सी आवाज
सबको महसूस नही हो पाती है
दिल जुड़े होंना शायद एक भरम है
धड़कन की रफ़्तार कोई कहाँ समझ पाता है

Monday, October 15, 2018

यू मुझे छोड़ कर ...

किसी को मुस्कुराहट की वजह यू न बना
कि दूर होकर हम मुस्कुराना छोड़ दे
किसी के साये में यू न जी जिंदगी
कि बिना उसके हम जीना ही छोड़ दे

अगर उन्हें न फिकर है कि क्या हाल मेरा
फिर उनके हाल की क्यों खबर पूछते हर जगह
वो अगर अपनी दुनिया मे गर खोये से है
फिर हमने क्यों बना ली है उन्हें जीने की वजह

हम भी क्यों उनके जैसे ना हो पाते है
क्यों अपनी दुनिया मे ना खो पाते है
वो एक पल भी चाहे ना हमे याद करे
हम उनकी यादो के एक पल न भूल पाते है

उनको वो सब मिला जो सब भी चाहा था
मुझे मिला या नही उन्होंने फिकर ना किया
यूँ चल पडे छोड़ कर हमें बीच राह में वो
हमारे होने ना होने का जिक्र भी ना किया

Thursday, September 6, 2018

दूर दूर

क्यों दूर दूर हमसे वो होने लगे
क्यों प्यार के लम्हे खोने लगे
साथ जीने की साथ ख्वाहिश थी
उनकी ख्वाहिशो से हम दूर होने लगे

साथ जो पल जिये क्या वही थे काफी
अब और साथ की तुम्हे जरूरत नही
मेरी मुहब्बत न कम हुई है तुमसे
शायद मैं तुम्हारे मुहब्बत के काबिल नही

पास हो के तुमने शायद ये पाया होगा
तुम्हारे ख्वाबो के मूरत मैं हूँ नही
वक़्त शायद तुमने खो दिया मुझपर
उस वक़्त से कीमती मेरे लिए कुछ नहीं

Wednesday, August 29, 2018

क्या लक्ष्य है

यू तो समझा है मुझे बस थोड़ा और समझ पाते
मेरे दिल को पढ़कर मेरी राह को चुन पाते
तुमने जो चुनी है वो राह सही है
पर जिसे मैं ढूंढ रही थी क्या ये वही है
मैं तुम्हारी राह पर चल जाऊगी
जो तुमने चाहा वो ही बन जाऊगी
पर क्या लक्ष्य है तुम्हारा ये क्या तुमने जाना
मुझे लक्ष्य देना या अपने लक्ष्य तक पहुचना

Tuesday, August 21, 2018

इंतज़ार करते है

ना कोई सीमा है कि तुम्हे कितना प्यार करते है
वक़्त का तुम्हारे हर वक़्त इंतज़ार करते है
शायद मुझ से जरूरी कोई इस वक़्त होगा
हमभी हो जरूरी इसका इंतज़ार करते है
तुम्हारी ख्वाहिशो में भी हो मेरा चेहरा
हम तुम्हारी ख्वाहिश बार बार करते है
तुम भी पल दो पल हमे याद कर लो
हम तो हर पल तुम्हारा दीदार करते है
हमे भी अहमियत दी सको तुम थोड़ी
हम तो तुम्हे सबसे अजीज करार करते है
तुम भी जी लो कुछ पल मेरे लिए
तुम्हे अपनी जिंदगी से ज्यादा प्यार करते है
देख कर तुमको जी सके ये जिंदगी
तुम सदा पास ही रहो इसका इंतजार करते है

Sunday, August 19, 2018

न रोकेगे तुमको

यु तो नहीं बांधा है हमने उनको 
पर फिर अगर बंधन महसूस होता हो 
साथ  सदा देने का वादा था अपना 
ये साथ अगर अब जकड़न महसूस होता हो 

तो न रोकेगे  तुमको दूर जाने से 
तुम्हारी ही ख़ुशी मेरी ख़ुशी होगी 
तुम्हे मिल जाये शायद कही रौनक 
चाहे मेरी जिंदगी में न कोई रौशनी होगी 

सिर्फ प्यार के बदले में प्यार था चाहा 
जहा तक हो सके तुम्हारा साथ था चाहा 
गर इस मोड़ के बाद तुम्हारी राहे है जुदा 
फिर किसी मोड़ पास मिले ये साथ है चाहा 


Saturday, August 18, 2018

खुद को

यू अश्को आंखों में कई बार छुपा लेती हूं मैं
धीरे से खुद को अपनी बात बता देती हूं मैं
हर कदम मिलेगा न कोई हमसफर हमको
इसी लिए खुद को हमसफर बना लेती हूं मैं

जब दिल मे हलचल सी उठने लगती है
आंखों गुमसुम सी रातो में जगती है
कुछ बातों का अहसासों तूफान धड़कन में
अपनी एक कहानी अनकही सी लगती है

ऐसी किसी बात को शब्दों में बुनकर
किसी पन्ने पर कविता में रचा देती हूं मैं
जो कह न सकी जो कोई सुन न सका
वो उन शब्दों में खुद को सुना देती हूं मैं

Friday, August 17, 2018

अटल रहते है

जीवन मृत्यु अखंड सत्य है
एक दिन तो सबको जाना है
फिर भी आंखों में  अश्रू
मुश्किल है अंतिम विदाई दे पाना

एक पथ बनाया था उन्होंने
गर कुछ दूर भी उस पर चल पाए
जिस देश का देखा था सपना
वैसा हम देश बदल पाए

वो लौट के अब ना आएंगे
पर अमर लोग कहाँ मरते है
उनके आदर्शों का दिशा दिखा कर
सबके दिलों में अटल रहते है

Thursday, August 16, 2018

तुम में

कुछ तो जादू है तुममे
जब तुम पास होते हो
बस मुस्कुराहट होठो में होती है
बस मुहब्बत दिल मे होती है

कोई सागर है तुम्हारी आँखों मे
जिसमे एक पल भी देखो तो
इन आँखों मे कभी डूब जाती हूँ
कभी सब पार कर जाती हूँ

कुछ तो हुनर है पास तेरे
जब तुम सुन रहे हो मेरी बातें
तो जाने कैसे सब कहती जाती हूँ
हर अनकही बातेँ तुम्हे बताती हुँ

कर्म

ये शरीर कभी मिट जाए गा
धु धु कर के जल जाएगा
पर कर्म यही रह जाता है
उसको न मिटा कोई पायेगा

न नाम से कोई याद रहे
ये कर्म ही तो नाम देता है
सादिया जिस को स्मरण कर
ऐसा कर्म ही बना देता है

कर्म ही पुण्य देता है
कर्म ही पाप कहलाता है
कर्म पल पल जुड़ कर
जीवन अध्याय बनता जाता है

आज अगर आंखों में आंसू है
तुम्हारे दुनिया ये जाने पर
यू जिये थे तुम अपना जीवन
कर्म रहा यही हमारे मिट जाने पर

Monday, August 6, 2018

इश्क़ क्या है

इश्क़ की परिभाषा क्या है ये ना समझना चाहा
इश्क़ की आरजू क्यों है ये ना कहना चाहा

एक सुकून एक अपनापन है तुम्हारे साथ
शायद ये ही इश्क़ है इबादत है
सब ख्वाहिशे जो पास तुम्हारे पूरी हो जाती है
जब दिल मिले तो बस ये ही मुहब्बत है

बंद आखो में तुम्हारा दीदार हम करते है
मिलन की घड़ियां गिनते रहते है
तुम्हारी मुस्कान काफ़ी मेरी मुस्कानों के लिए
अकेले में भी तुम्हारी हर बात याद करते है

जो पल पल दिल को महसूस होता है
जो मन सब अनकही भी तुमसे कहता है
न साथ जीने मरने की कसमें है
फिर हर सांस में नाम तुम्हारा होता है

Tuesday, July 24, 2018

तुम हो

बस उन लम्हो की ख्वाहिश है
जिनमे पास मेरे तुम हो
ना और किसी का साथ चाहिए
बस हर कदम साथ मेरे तुम हो
कभी दोस्त हो कभी प्यार हो
कभी जिंदगी का नाम मेरे तुम हो
कभी सपने कभी हकीकत
मेरे लबो की मुस्कान मेरे तुम हो
कभी कही कभी अनकही
दिल मे उठी हर बात तुम हो
दिल ने सजो के रखा जो दिल मे
सबसे खूबसूरत जज्बात तुम हो
शायद पता हो तुम को
मेरे लिए कितने खास तुम हो
जिंदगी देती है जो मेरी जिंदगी को
मेरे रगों में चलती सांस हो तुम


Thursday, June 28, 2018

दूरी

कुछ अधूरा से रह गया
शायद उस एक मुलाकात में
कुछ लफ्ज होठो तक आ के
रह गए अनकहे से उस बात में

वो थे इतने करीब मेरे पर
फिर भी इतने दूर थे
अपने को अपना न कह सके
इतने क्यों हम मजबूर थे

न दिखते है खुली आँखों से
जाने कैसा ये बंधन है
जो उड़ने से रोक देता है
ये अपना कैसा जीवन है

तुम मेरे ,मैं तुम्हारी हूँ
ये जनता है हमारा दिल
शायद जरूरी थी ये दूरी
पाने को अपनी मंजिल

Friday, June 15, 2018

तुम बिन

तुम बिन सब पल खाली से लगते है
तुम बिन ये नैन सोते न जगते है
तुम तो जी लेते हो बिन मेरे लेकिन
तुम बिन हम जीते न लगते है।
तुम बिन लगे कुछ खो सा गया है
तुम बिन सब तन्हा हो सा गया है
तुम्हारी दुनिया मे कुछ बदला या नही
मेरी जिंदगी सब नाम तेरे हो सा गया है

Wednesday, May 30, 2018

तेरी मोहब्बत बसती गयीं

जाने क्यों ऐसा होता गया
तुम इतने करीब आये दिल तुम्हारा होता गया
तुम्हारी बातो का या तुम्हारी आँखों का था असर
मेरे जहन का हर ख़याल तुम्हारा होता गया 


कभी चुपके से आँखों में नए सपने सजा देना
कभी धीरे से होठो पर मुस्कान सजा देना
तुम्हारे अपना होने का अहसास धड़कन में भर के
मुझे अपनी हर धड़कन में बसा लेना

हर पल दिल मे तेरी चाहत बढ़ती गयीं
हर अहसास में तेरी मोहब्बत बसती गयीं
तुम यू समा गए हो खयालो में मेरे
हर लम्हे में तुम्हारी कहानी लिखती गयीं

कितना उनसे प्यार है

कुछ पल का ही है ,
       पर लम्बा बड़ा ये इंतज़ार है
धड़कने बढ़ने लगी है
        सांसे भी मेरी बेक़रार है
नींदे भी वो ले कर गए
        पलकों पर छाया खुमार है
लफ्जो में न बयां कर सकू
        कि  कितना हमें उनसे प्यार है



खो जाऊ

कभी तुम्हारी आँखों मे खो जाऊ
कभी तुम्हारी बातो में खो जाऊ
इतने करीब आ जाओ मेरे
कि मैं तुम्हारी साँसों में खो जाऊ

अभी भी कानो में तुम्हारी धड़कने है
अभी भी इन लबो पर तुम्हारे निशां है
हर पल पर यू लिख गए तुम नाम अपना
कि अब हर पल मुझ पर तुम्हारा ही नशा है

तुम दूर होकर भी इतने करीब हो
हर सुख दुख में तुम्ही याद आते हो
एक बंधन सा दिल ने बांधा हो जैसे
कभी मैं तुमसे कभी तुम मुझसे जुड़ जाते हो

Wednesday, May 2, 2018

तुम्हारा नाम लिख गया

हर लम्हे पर यू तुम्हारा नाम लिख गया 
जैसे कोई तुम्हारे लिए मेरी सुबह शाम लिख गया 
जब आँख खुली तो तुम ही मेरे जहन में 
बंद आँखों में तुम्हारे ख्वाबो के पैगाम लिख गया 

मेरी जिंदगी जैसे एक खुली किताब बन गयी 
तुम्हारी बाते मेरी सब सवालो का जवाब बन गयी 
ख्वाहिशे खुदा ने ऐसे पूरी कर दी ऐसे 
जैसे मेरी जिंदगी एक प्यारा सा ख्वाब बन गयी

हर अहसाह में मुहब्बत ही मुहब्बत है 
हर धड़कन में बस तुम्हारी ही चाहत है 
ना भगवान से ज्यादा कुछ माँगा है कभी 
तुम सदा पास रहो  बस ये ही इबादत है 

अहसासों से  जहाँ  अहसास मिल जाते 
मैं बंद करती आँखे तुम पास मिल जाते 
उस मोड़ तक तुम्हारे साथ चलना है 
जहाँ धरती और आकाश मिल जाते 







Monday, April 30, 2018

खुशिया नसीब हो गयी

शायद कोई दुआ थी जो मिलके तुमसे कबूल हो गयी 
सारे जहाँ की खुशिया  तुमसे मिलकर नसीब हो गयी 

मुहब्बत के भी कई मुकाम होते है सुना था मैंने 
कुछ दूर तुम्हारे  साथ चल कर मजिल करीब हो गयी 

उसकी आवाज में भी कोई जादू है शायद 
कि हर लफ्ज के साथ जिंदगी उसके नाम  हो गयी 

पाना खोना तो  शायद उसूल है दुनिया का 
ख्वाहिश तुम्हे पा कर कभी न खोने की पैगाम हो गयी 

हर लम्हा हर पल जो तेरे साथ गुजरा है हमने 
यु लगा कि  तन्हाइयो में मैं तुम्हारे साथ हो गई 

हर मौसम अब खुशनुमा सा लगने लगा है हमे 
तुम्हारे साथ हर लम्हे में प्यारी से एक बात हो गयी 




 




Sunday, April 29, 2018

Pyara sa bandhan

Jis mohabbat ki ab kwahish bhi nahi thi
Ki lagta tha us mohabbat ka waqt gujar gaya
Umar ke is mod par mil gaya mera sathi
Bas us pal se meri duniya me sab badal gaya

Na socha tha kabhi dil me itna pyar tha
Shayad tum mile Na the is liye chupa rakha tha
Dost se pyar ka safar itna jaldi tay kiya humne
Tum kareeb the par meri jindagi ho ye Na socha tha

Pyar kitna pyara hai tumhare sath ye jana hai
Ek sukun ka ahsah dil me bhar deta hia
Apne rishte ho kisi bandan me bandha humne
Par ek majbut dhaga hai Jo dilo ko jod deta hai

Friday, April 27, 2018

Sukun

एक सुकून सा दिल में रहता है
कि तुम बस मेरे अपने हो
जिंदगी को नए मायने मिले हो जैसे
जैसे हर पल बनते नए सपने हो

दूर हो पर सबसे पास भी हो
की कोई न तुमसे मुझे करीब लगे
इतनी खुश सा दिल रहने लगा
जिंदगी अब मेरी खुशनसीब लगे

हर बात तुमसे कह लेना
अब इतना आसान सा लगता है



Monday, April 9, 2018

नए ख्वाब

मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल हो तुम
आज मेरे साथ हो, और आने वाला कल हो तुम

तुम मेरी जिंदगी को नए मायने देते हो 
इन आँखों को भी इतने ख्वाबो से भर देते हो

कुछ नए ख्वाब , साथ हम बनायेगे
आशियाना नहीं एक दुनिया नयी सजायेंगे

वो दुनिया जो बस तुम्हारी हो मेरी हो
कि हर लम्हे में लिखी कहानी सुनहरी हो

किसी नदी में बहती किसी धारा की तरह
जैसे अंधेरे को चीर के आती हुई सुबह

ऐसे तुम्हारे साथ हर लम्हे में बह जाना है
ऐसे हमको साथ चल के जगमगाना है













Thursday, March 29, 2018

यु तुम्हे अपना बनाया है

यु दिल ने तुम्हे अपना बनाया है 
की मेरी हर धड़कनो में तेरा ही साया है 
हर एक सांस नाम तेरा लेती है 
तुम्हारी ही कोई बात थी जब मन मुस्कुराया है 

तुम्हारा मेरा होना मन को सुकून देता है 
दूर को कर भी , मुझ में एक पूर्णता भर देता है
क्या कमी थी मेरी जिंदगी में अब जाना मैंने 
ऐसे ही नहीं दिल किसी को हमसफ़र बना लेता है 

ना बंधा है तुमने , फिर भी एक बंधन सा है 
जो तुम्हारी धड़कनो से मेरी धड़कनो में जुड़ा है 
साथ रह सकना शायद न हो तक़दीर अपनी 
हर  तक़दीर से  ऊपर साथ हमारा है 

Wednesday, March 28, 2018

वो इतना करीब हो गया

ए जिंदगी ये वाक्या कुछ अजीब हो गया
एक अजनबी अपने इतना करीब हो गया
वक़्त पहले भी गुज़र है जाता था पहले
अब उसका साथ होना ही सबसे अजीज हो गया

ख्वाबो में भी अब बस उनसे मुलाकात रहती है
जब पास ना हो तो भी  कानो में उनकी बात रहती है
है फरक नहीं की उन्हें मैं याद रहु या ना रहु
हर पल में जाने क्यों उनकी ही याद रहती है

उसे सोचती हूँ इतना , उसे चाहती हूँ उन्हें इतना
है वो इतना मेरे दिल में , सागर में पानी जितना







Sunday, March 25, 2018

वो ही हमारा है

हर ओर तन्हाई नज़र आती है 
साथ गम को परछाई नज़र आती है 
अकेला खुद को महसूस करते है 
दुनिया की रुसवाई  नज़र आती है 

तभी दिल चुपके से कुछ बोल देता है 
सारे राज़ अपने खोल देता है 
तन्हाई में तो कोई अपना याद आता है 
जिसको दिल अपने सबसे करीब पाता है 

उसको ही सारा हाल ए दिल बता दूँ 
जो महसूस हुआ उसको एक बार जता दूँ 
शायद वो मेरे सारे गम उड़ा  दे 
एक मुस्कान होंठो पर वापस ला दे 

शायद उसका अपनापन ही सहारा है 
मुझे समझ सके ऐसा वो ही बस हमारा है 





Friday, March 16, 2018

तुम पास होते तो

तन्हाईयो में यु सारी हमारी बात गुजर जाती 
हम कुछ न कहते और सारी रात गुजर जाती 

कोई हवा की लहर तुम्हे छू के मुझे छूती 
तुम्हारी महक मुझ में भी बस जाती 

कभी आँखों में मेरी देख कर तुम खो जाते 
कभी बाहो में तुम्हारे मै सिमट जाती 

कभी मेरे लबो को अपने लबो से छूते 
और हमारी साँसे एक दूजे से जुड़ जाती 


कभी तुम मुझ मे समां जाते 
कभी मैं तुम में समां जाती 

उस पल हम तुमसे इतने  करीब होते 
कि  हवा भी हमारे बीच  नहीं  आती 



तुम पास होते तो जिंदगी अलग होती 
शायद खुशियों की परिभाषा बदल जाती 







Sunday, March 11, 2018

तुम साथ हों तो

तुम से मिलकर खुद पर यकीन आया 
तुम्हे पा कर मैंने खुद को पाया 

तुम्हारी आँखे मेरे मन को देखती है 
तुम्हारी बातें मेरी जुबान बोलती हैं 

कभी सबसे अच्छे दोस्त  हो  तुम 
कभी दिल को दिखती सही राह हो तुम 

तुम्हारा यकीन मुझे खुद पर यकीन देते  है 
तुम्हारे हौसले मुझे ऊँची उड़ान देते है 

तुम साथ होंगे तो बहुत दूर तक चल पाउगी 
तुम साथ होंगे ज़िंगगी खूब सूरत बन जाएगी 


Wednesday, March 7, 2018

साथ चलने लगे

मेरे होंठो पर पल पल मुस्कान बन कर 
मेरी  आँखों में कल का अरमान बनकर 
                              तुम दिल में  रहने लगे 
मेरी सांसो की रफ़्तार बन कर 
मेरी धड़कर की आवाज बनकर 
                             मेरी जिंदगी में बसने लगे 
तुम्हारी हर आहट पर  रुक कर 
अपनी सब यादो को साथ लेकर 
                              अब हम तुम साथ चलने लगे 




Monday, March 5, 2018

दिल ने चुना है तुम्हे

ना उम्र ने बंधा है दिल को 
ना खूबसूरती की परिभाषा को मन 
नज़रो ने नहीं दिल ने चुना है तुम्हे 
नज़रिये मिले तो तुम्हे अपना माना 

दिल मिलना जरूरी है वो मिले 
शायद यही अपने रिश्ते की खूबसूरती है 
कुछ प्यारी सी बातो की , खूबसूरत ख्वाबो की 
जो सिर्फ अपनी है ऐसी एक दुनिया बनी है 


Sunday, March 4, 2018

आदत

ना सोचा था यु आपसे इबादत हो जायेगी 
कि मेरे सब लम्हो को आपकी आदत हो जाएगी 

ना तुम्हारी आँखों में देखा 
ना तुम्हारी सांसो को महसूस किया 
एक कशिश तुम्हारी आवाज़ में शायद 
तुम्हारी हर बात ने तुम्हारे करीब किया 

पर ख्वाहिशे मिलने की कब पूरी हो पायेगी 
कि मेरे सब लम्हो को आपकी आदत हो जाएगी 

तुम पास तो नहीं हो फिर भी 
पास तुम्हे हर पल महसूस करते है 
पाया नहीं नहीं ना पा सकेगे कभी 
फिर भी क्यों खोने से डरते है 

जो न अपना है उससे कैसे चाहत हो जाएगी 
कि मेरे सब लम्हो को आपकी आदत हो जाएगी 


Monday, February 26, 2018

दिल मिले



सब कुछ अलग है सब कुछ जुदा है 
फिर भी कुछ तो दिल से जुड़ा है।  
कोई तो डोर जो बांधे  हमे 
की न मै जा सकी न तू जा सका है।

कुछ रिश्ते सालो में अपने नहीं हो पाते 
कुछ लोग पल में ही खास हो जाते है।   
मन अपना  मिल  गया है  जैसे 
दिल के दो हिस्से जुड़ जाते है।  

तुमने मुझे ढूंढा है या तक़दीर ने 
शायद अपना मिलना कही लिखा हो।   
पहले क्यों नहीं ये वक़्त आया 
यही जैसे ये दिल पूछता हो।  

अब बस इतनी सी है ख्वाहिश 
की मेरे साथी मेरे हमराज़ बन कर।   
चलते रहना तुम साथ मेरे 
मेरे धड़कनो के सब जज्बात सुनकर।   





Monday, February 19, 2018

मेरी नज़रो से

क्या हो तुम मुझसे पूछो 
कभी खुद तो मेरी नज़रो से भी देखो 

कभी समुन्द्र से शांत हो तुम 
कभी नदी से भी चंचल 
कभी  हवा से शीतल हो तुम 
कभी तुफानो से कोई हलचल 

क्या है मन में मेरे तुमभी समझो 
कभी खुद तो मेरी नज़रो से भी देखो 

कभी खुली किताब हो तुम 
कभी बंद दरवाजे सा कोई राज़ 
कभी एक रात  से शांत हो तुम 
अभी किसी मदुर गीत की आवाज़ 

तुम अपनी सारी खूबी मेरी आँखों में पढ़ लो 
कभी खुद को मेरी नज़रो से भी देखो 



Friday, February 16, 2018

उदासी

जाने क्यों इस महफ़िल में तन्हाई सी लगती है
जाने क्यों चुभती अपनी परछाई सी लगती है 

क्यों अकेलापन क्यों हर और तन्हाई सी है
जाने क्यों किसी ख़ुशी में भी उदासी छाई  सी है 

जैसे कोई धड़कन से सारे अहसास ले गया
जैसे कोई मेरे मन से सारी बात ले गया 

कुछ गलत है क्या जो हमसे हो गया
कुछ बहुत अजीज सा या हमसे खो गया 

कुछ तो वजह होगी जो मन इतना उदास है
चुप चुप से हम , चुप चुप से सब अहसास है 





Wednesday, February 14, 2018

कैसे समझू


मैं तुम्हे भूलती नहीं कभी 
पर तुम्हे याद ना आती कभी 
मेरी अहमियत क्या है तुम्हे 
ये मै समझ पाती नहीं 

पल में सबसे अजीज बनाना 
पल में अनजान कर देना 
पल में सब कुछ भुला देना 
पल में सब याद कर लेना 

तुम्हे कैसे मैं समझू 
 मन पूछता है  कई बार 
इतनी दूर हो मुझसे 
न जानू इकरार है या इंकार 

शायद पास होते तुम तो 
तुम्हारी आँखों को पढ़ पाती 
जो कह कर न कह पायी 
वो सारी बात कह पाती 







Wednesday, February 7, 2018

नाराज़गी

कह देते है वह 
तुम में थोड़ा सा धैर्य नहीं 
पर शायद उनके साथ 
धैर्य रखना ही नहीं चाहती हूँ 

कहते हो तुमसे हर पल 
नाराज़ हो जाती हूँ 
शायद इतने अपने हो 
की हर जज्बात जाताना चाहती हूँ 

ख़ामोशी से ही अक्सर 
हर जज्बात जताया है 
तुमको अपने जज्बात
शब्दों से बताना चाहती हूँ 

तुम समझे या नहीं 
इसका भरम नहीं रखना 
शायद इस लिए हर अहसास 
तुमको खुद जाताना चाहती हूँ 



Tuesday, February 6, 2018

दूरिया

दूरिया दूर नहीं करती है 
खामोशिया कर देती है कई बार 
कुछ मेरा न कह पाना 
कुछ उनका न समझ पाना 

जब बातों के लिए अल्फ़ाज़ काम होजाये 
जब अपना वक़्त कम लगने लगे 
वक़्त दे कर वो वक़्त भूल जाना 
याद हो कर भी कुछ ना याद आना 

शायद अब मैं इतनी जरुरी भी नहीं 
साथ होने की भी कोई मज़बूरी भी नहीं 
ना रोके गए अगर हो तुम्हे जाना 
पर आवाज दू तो एक पल ठहर जाना 



Monday, February 5, 2018

ख्वाहिशे

तुम्हारी ख्वाहिशे कुछ और है 
मेरी ख्वाहिशे कुछ और है 
अलग मंजिल की और चले थे 
यु मिले , कैसा ये मोड़ है 

तुमको भी आगे बढ़ना होगा 
मुझे भी अपनी राह पर जाना होगा 
कुछ पल जो मिले तो रुक जाते है
फिर तो मंजिल की और बढ़ जाना होगा

शायद जो दो पल ठहर जाये
थोड़ा सा सुकून दिल को मिल जाये
एक दौड़ सी लगी है जिंदगी में
कुछ छूट के शायद कुछ मिल जाये

तुम साथी बने कुछ दूर के
पर सदा साथ चलना तो मुमकिन नहीं
तुम मेरी रहो की मंजिल नहीं
मैं तुम्हारी ख्वाहिशो का साहिल नहीं 



Sunday, February 4, 2018

साथी

कुछ पाने की ख्वाहिश न थी तुमसे 
पर कैसे एक सुकून सा मैंने पा लिया 
कोई साथी मिल गया हो जैसे 
कोई हमराज़ मैंने पा लिया 

हाल ऐ दिल तो कई बार कहा 
कुछ बातें दिल की अनकही सी थी 
कुछ कमी न थी जिंदगी में 
पर शायद कोई कमी सी थी 

उस जगह को जिंदगी की 
तुमने चुपके से आ कर भर दिया 
कुछ तुम मेरे अपने बने 
कुछ मुझ को अपना कर दिया 

एक ख़ुशी का एक अपनेपन का 
एक खूबसूरत सा अहसास हो तुम 
एक सच्चा सा दोस्त बनकर 
सुर हो कर भी कही पास हो तुम 




Thursday, February 1, 2018

जाने कैसा मोह

कोई राह अंजनी सी 
हर पल मुझे खींचती है 
मैं ना भी जाना चाहू 
पर उस ओर ही बढ़ती है 

क्या है उस राह में ऐसा 

जो उस और ही खींच जाती हूँ 
जाने कैसा मोह है वो 
जिसमे मैं बधती  जाती हूँ 

जिसकी न थी ख्वाइश कभी 

ऐसे क्यों मन पर छा गया 
जिसके साथ की उम्मीद न थी 
वो साथ दूर इतनी आ गया 

अब चाह के भी जाने क्यों 

उससे दूर न मैं जा पाती हूँ 
जाने कैसा मोह है वो 
जिसमे मैं बधती  जाती हूँ 

शायद मन के एक कोने ने 
कुछ अनकहा चाहा होगा 
शायद उन अहसासों को 
मन न समझ पाया होगा 

अब भी उन अहसासों को 
मैं समझ ना पाती हूँ 
जाने कैसा मोह है वो 
जिसमे मैं बधती  जाती हूँ 


Monday, January 22, 2018

मुस्कराहट

तुम्हारी दो पल की बातें
दिन भर मुस्कराहट देती है
एक ख़ुशी सी मेरे होंठो पर
आजकल छाई रहती है

थोड़ा मुश्किल सा था
तुमको दोस्त मान पाना
पर ये गलती थी मेरी
ये अब है मैंने जाना

बाते ख़त्म  नहीं होती
जब तुमसे बात होती है
न मिले कबसे तुमसे जाने कैसे
रोज़ तुमसे मुलाकात होती है

शायद कोई धागा होता है
जो दिलो को बांध देता है
जो दूरिया होने पर भी
किसी को अपना मान लेता है






Sunday, January 14, 2018

जाने कैसे

जाने कैसे अपने अहसास बदलने लगे 
जाने कैसे तुम दोस्त खास बनने लगे 
जाने कैसे अपनी जान पहचान बदल गई 
जाने कैसे तुमसे हर बात करने लगे 

जाने कैसे तुमको हमराज बना लिए 
जाने कैसे तुमको अपना हाल सुना दिए 
जाने कैसे तुम्हारी बात का इंतज़ार करने लगे 
जाने जैसे तुम जिंदगी में शामिल हो गए 

शायद दिल को एक दोस्त की तलाश होगी 
शायद मन में कोई अनकही बात होगी 
शायद दिल कोई जोड़ता कोई तार होगा 
शायद किसी मकसद से अपनी मुलाकात होगी 




Friday, January 5, 2018

बदली राहे


खत लिखती हूँ , फिर फाड़ देती हूँ 
कि तुम कुछ और न समझ जाओ 
मेरे अल्फ़ाज़ कुछ और बोले 
तुम उसे इजहार न समझ जाओ 

तुम्हे एक दोस्त समझा था लेकिन 
तुम्हारे दिल में अहसास कुछ और थे 
तुम्हे हमराज बनाया था लेकिन 
तुम्हारे राज़ कुछ और थे 

फिर ख़ामोशी को मैंने अपना लिया 
कि तुम फिर न इधर आओ 
मेरे अल्फ़ाज़ कुछ और बोले 
तुम कुछ और न समझ जाओ 

ना दोस्त बन पाए न हमराज़ 
ना कोई और नाम दे पाए 
ख़ामोशी को ही अपना लिया 
बदल  ली अपनी राहे 


Wednesday, January 3, 2018

कुछ अनकही

वो धीरे से मुस्कुरा कर 
मेरी मुस्कराहट छीन लेते है 
वो धीरे बोल के निकल जाते है 
मेरी नींदें छीन लेते है 

न कुछ बोल पाते है 
न चुप ही रह पाते है 
जो अनकही सी रह जाती है 
वो इतनी सारी  बाते है 

शायद खामोशिया मेरी 
सब कुछ ठीक कर देंगी 
जो कह कर न कह सके 
वो तुमको बयां कर देगी